About Me

My photo
New Delhi, NCR of Delhi, India
I am an Indian, a Yadav from (Madhepura) Bihar, a social and political activist, a College Professor at University of Delhi and a nationalist.,a fighter,dedicated to the cause of the downtrodden.....

Wednesday, October 5, 2016

सर्जीकल स्ट्राइक पर अजीबोगरीब स्थिति :

चैनल वाले ले डूबेंगे मोदी सरकार को। यह अजीब बात है की एक देश दावा कर रहा है कि हमने हमला किया और दूसरा देश इसे झूठ बता रहा है। अमूमन जिस देश पर हमला होता है वह छाती पीट पीट कर दुनिया को अपनी स्थिति बता कर सहानुभूति बटोरते हुए अपने प्रतिकार को जायज ठहराता है। पर यहाँ तो पाकिस्तान ही कह रहा है की सबूत दो की हमारे सीमा में घुस कर कितनों को मारा है। चीन को छोड़कर सभी देश चुप हैं। चीन ब्रह्मपुत्र का पानी रोक दिया है और चीन के मामले में चैनल वालों की घिग्गी बंधी हुई है। विदेशी मीडिया इस प्रकरण के सभी समाचारों में "भारत का दावा" लिख कर शुरू करते हैं।
जो भी कहा जा रहा है वह चैनल वाले ही कह रहे हैं। चैनलों द्वारा एक हिस्टीरिया उत्पन्न करने का प्रयास है। ज़ाहिर यह देशभक्ति के लिए नहीं बल्कि अन्य कारणों से है।
यह हमारे सेना और सैनिकों के मनोबल के लिए ठीक नहीं है। सर्जिकल स्ट्राइक पर दिए गए सेना के बयान में सोच समझ कर चुन कर शब्दों का प्रयोग किया गया था : "......बहुत विशिष्ट और विश्वसनीय के आधार पर हमें प्राप्त जानकारी है कि कुछ आतंकवादी टीमों जम्मू-कश्मीर और हमारे देश में विभिन्न अन्य महानगरों के अंदर आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के एक उद्देश्य के साथ नियंत्रण रेखा पर लांच पैड पर खुद को तैनात किया है और घुसपैठ करने वाले हैं। भारतीय सेना इन लांच पैड पर कल रात सर्जीकल हमलों का आयोजन किया। हमले से यह सुनिश्चित करना है कि इन आतंकवादियों के घुसपैठ कर अपने डिजाइन में सफल नहीं हों और हमारे देश के नागरिकों के जीवन खतरे में न पड़े।.... "
और सच्चाई यह की हमारे सैनिक उडी और बारामुला में शहीद हुए हैं। सर्जीकल स्ट्राइक्स पर Hindustan जैसे समाचार पत्र में लिखा गया की :
"भारत ने पीओके में घुसकर 38 आतंकियों को किया ढेर : उरी हमले के 10 दिन बाद भारतीय सेना ने 18 सैनिकों की शहादत का बदला ले लिया। 45 साल में पहली बार हमारे जवान एलओसी के पार करीब तीन किलोमीटर अंदर घुसे और चार घंटे में सात आतंकी कैंपों को नेस्तनाबूद कर 38 आतंकियों को ढेर कर दिया।"
अब सेना अपने बयान में तो पाकिस्तान के अंदर, नियंत्रण रेखा के पार घुसने की बात तो नहीं कही। फिर यह प्रचार क्यों हुआ? क्यों चैनल वाले फालतू बोल रहें हैं। सिर्फ अरविन्द केजरीवाल और संजय निरुपम ही नहीं, चैनल वालों को भी शहीदों के सम्मान में कम से कम और इस पर सोच समझ कर बोलने चाहिए।
मीडिया को अधिक ज़रूरी है की संयम से समाचार दें। वरना अति उत्साह में वे मोदी जी का नुकसान ही करेंगे।

No comments:

Post a Comment